प्रधान मंत्री के गृह राज्य गुजरात में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, प्रियंका गाँधी वाड्रा करेंगी जन सभा को संबोधित

प्रियंका गाँधी - फाइल फोटो
आगामी लोकसभा चुनावों की ओर नज़र करते हुए चर्चा के लिए गुजरात में मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी. बैठक के बाद गांधीनगर के अडालज में एक रैली होगी जिसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा राजनीति में आने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित कर सकती हैं ऐसा अनुमान है. कांग्रेस की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक गुजरात में 58 साल बाद हो रही है. इससे पहले 1961 में बैठक हुई थी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पार्टी में शामिल होंगे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख अमित चावड़ा ने बताया कि सरदार पटेल स्मृति भवन में बैठक के बाद राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री जन संकल्प रैली में हिस्सा लेंगे. सीडब्ल्यूसी की बैठक के पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रार्थना सभा में हिस्सा लेने गांधी आश्रम जाएंगे. वहां पर तमाम नेता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे.
आप जानते होंगे की वर्ष 1930 में यहां साबरमती आश्रम से 12 मार्च को महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी. वर्ष 2019 को राष्ट्रपिता की 150 वीं जयंती के तौर पर भी मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के गृह राज्य में आयोजित की जा रही रैली में कांग्रेस को तीन लाख लोगों के आने का अनुमान है. एक महीने के भीतर राहुल गांधी का गुजरात का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले उन्होंने 14 फरवरी को वलसाड जिले में रैली को संबोधित किया था. वर्ष 1961 में सीडब्ल्यूसी की बैठक गुजरात के भावनगर में हुई थी.
कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं हार्दिक
कांग्रेस नेताओं के दिन की शुरुआत साबरमती के गांधी आश्रम में प्रार्थना से होगी. इसके बाद शहीदों को श्रद्धांजलि के बाद वे
सरदार पटेल नेशनल मेमोरियल में आयोजित कांग्रेस
वर्किंग कमेटी की मीटिंग में भाग लेंगे. अहमदाबाद में
दोपहर जय जवान-जय किसान नामक बड़ी रैली भी आयोजित होगी. जिसमें पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस अध्यक्ष
राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वॉइन कर सकते
हैं. उधर कांग्रेस ने बीजेपी पर विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया है. पिछले चार दिनों के बीच तीन
कांग्रेस विधायक पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं.
सूत्रों का कहना है कि 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के मतदान से पहले तक कांग्रेस के कुछ और विधायक
बीजेपी से जुड़ सकते हैं.