मनरेगा पर संकट और ग्रामीण भारत की अनदेखी स्वप्नलोक से बाहर निकलता यूरोप: बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन की चेतावनी जब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज की तब से जेल पहले से अधिक भीड़ भरी और अराजक हो गई है जिसने तनहाई के लिए जंग को और तीखा बना दिया । घर बसाने के नाम पर उजड़ती ज़िंदगियाँ आस्था पर पहरा और ‘बुलडोज़र न्याय’: क्या भारतीय संविधान की आत्मा मदद की गुहार लगा रही है? नाम, पहचान और घर छीन लेने का अपराध सिलाई के पीछे छुपी ज़िंदगी: क्यों भारत के मज़दूरों को उनके बनाए हुए धन में हिस्सा मिलना चाहिए बिहारो का पेड़: स्त्री स्वाभिमान का प्रतीक एनसीएमईआई के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. शाहिद अख्तर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट की; अल्पसंख्यक शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा सखी नेता की कहानी, जहाँ हुनर सबसे बड़ा उपहार है।हर मुस्कान प्रेम का संचार है।