संस्कृति
महिला दिवस के बाद, क्या बदली ज़मीन की हकीकत?
लेखक: राजेन्द्र प्रसाद, हरयाणा। संपर्क : 01169310275 हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस…
सोसाइटी निवासियों की सुरक्षा से खिलवाड़
सपनों का आशियाना या लापरवाही का गढ़? घर खरीदने का सपना, अपना एक सुरक्षित घोंसला…
मनरेगा पर संकट और ग्रामीण भारत की अनदेखी
लेखक- असमा खान दिल्ली -दिल्ली एन सी आर से विशेष केंद्र सरकार और राज्य की…
स्वप्नलोक से बाहर निकलता यूरोप: बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन की चेतावनी
लेखक – असमा खान – दिल्ली एन सी आर से जब भारत और यूरोपीय संघ…
जब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज की तब से जेल पहले से अधिक भीड़ भरी और अराजक हो गई है जिसने तनहाई के लिए जंग को और तीखा बना दिया ।
कैद के दौरान , मैं संगीत, पढ़ने और जानवरों की देखभाल में सुकून पाता हूँ;…
घर बसाने के नाम पर उजड़ती ज़िंदगियाँ
हरियाणा से उठती एक औरत की आवाज़ चंदा देवी, जींद हरियाणा(सर्वाइवर लीडर एवं सखी मंडल…
आस्था पर पहरा और ‘बुलडोज़र न्याय’: क्या भारतीय संविधान की आत्मा मदद की गुहार लगा रही है?
अनीस आर ख़ान, नई दिल्लीभारत की बहुलतावादी संस्कृति और उसका धर्मनिरपेक्ष संविधान लंबे समय से…
बिहारो का पेड़: स्त्री स्वाभिमान का प्रतीक
अंजुम बानो, हरियाणा01169310275 गेहूं के खेतों के बीच स्थित आमों के बाग की छांव में…
सखी नेता की कहानी, जहाँ हुनर सबसे बड़ा उपहार है।
अनीस आर खान, नई दिल्ली “हम पहले साथ मिलकर बल्ब बनाना सीखते थे, और अब…