सही पोषण और बेहतर स्वास्थ्य हर एक नागरिक का अधिकार है

कार्यशाला के दौरान वक्ता अपने विचार रखते हुए.
लहर डेस्क-मुजफ्फरपुर 26 अप्रैल : मातृ, शिशु एवं नवजात पोषण पर मंगलवार को श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज में अलाइव और थराइव के सहयोग से प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का शुभाराम्भ श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ विकास कुमार ने किया. कार्यशाला की अध्यक्षता अलाइव एंड थराइव के डॉ प्रवीण शर्मा ने की। इस अवसर पर प्रवीण शर्मा ने कहा “सही पोषण और बेहतर स्वास्थ्य हर एक व्यक्ति का अधिकार है । हमें पोषण संबंधित गुणवत्ता और विकास के तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए” ।
डॉ. प्रवीण शिशु विभाग, प्रसूति एवं स्त्री रोग को विशेष तौर पर सुदृढ़ होने की बात कही। उन्होंने आगे भी अलाइव एंड थराइव द्वारा कार्यशाला आयोजित कर एवं हर प्रकार से सहयोग इसमें सहयोग की बात कही ।
सही पोषण और बेहतर स्वास्थ है सबका अधिकार
ताउम्र असर रहता है प्रथम हजार दिन के पोषण का
क्या है पोषण और मातृत्व के 1000 दिन :- गर्भावस्था और जन्म के बाद के पहले 1,000 दिन नवजात के शुरुआती जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है. आरंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों के मस्तिष्क के विकास में भारी नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई नहीं हो पाती है. अलाइव एंड थराइव की डॉ अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि इससे शिशु के शरीर का सही विकास नहीं होता और उनमें सीखने की क्षमता में कमी, स्कूल में सही प्रदर्शन नहीं करना, संक्रमण और बीमारी का अधिक खतरा होने जैसी कई अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
गर्भावस्था और जन्म के बाद पहले साल का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ विकास और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बुनियादी भूमिका निभाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान की जिंदगी भर का स्वास्थ्य उसके पहले 1000 दिन के पोषण पर निर्भर करता है.
इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण मे अलाइव एंड थराइव की वरीय कार्यक्रम प्रबंधक डॉ अनुपम श्रीवास्तव, अलाइव अँड थराइव से प्रवीण शर्मा , श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ विकाश कुमार , शिशु विभाग, महिला एवं प्रसूति विभाग के चिकित्सक , सहायिका, ए एन एम और जी एन एम इत्यादि मौजूद थे ।